उत्तर प्रदेश के बलिया से मुंबई की चमक-दमक तक का सफर आसान नहीं था सिद्धांत चतुर्वेदी का। ‘दो दीवाने शहर में’ फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने भोजपुरी पृष्ठभूमि, भाषा की रुकावटों और इससे जुड़ी शर्मिंदगी पर पहली बार विस्तार से चर्चा की। मृणाल ठाकुर के साथ यह रोमांटिक ड्रामा जल्द रिलीज हो रही है।
घर में भोजपुरी की धुनें गूंजती रहीं—मां का ‘शंकर भगवान’ कहना आज भी याद है। इन जड़ों ने उनके अंदाज को तराशा, लेकिन मुंबई में हिंदी की पकड़ न होने से परेशानी हुई। सालों तक भोजपुरी में ही संवाद किए, हिंदी सुधारने में वक्त लगा। फिल्म की स्क्रिप्ट ने इन यादों को ताजा कर दिया।
बड़े शहरों में भाषा का अभाव भरोसे को कमजोर करता है, उन्होंने जोर देकर कहा। उच्चारण की बारीकियां जैसे ‘स-श’ का फर्क, इंग्लिश की मजबूरी, और लोकल बोली की वजह से शर्म—ये चुनौतियां देश के कोने-कोने से आए लोगों की हैं, चाहे राजस्थान हो, गुजरात, पूर्वोत्तर राज्य या नेपाल।
धीरे-धीरे ये बाधाएं मनोबल गिराती हैं। ट्रेलर रिलीज के बाद फैंस उत्साहित हैं। रवि उद्यावर की फिल्म में इला अरुण, जॉय सेनगुप्ता, आयेशा रजा, संदीपा धर जैसे सितारे हैं। 20 फरवरी को रिलीज पर बॉक्स ऑफिस की परीक्षा होगी।