हरिनगर गांव में मजदूरी का पुराना हिसाब चुकता करने की कोशिश ने हिंसक मोड़ ले लिया। दरभंगा के इस विवाद ने पूरे ब्राह्मण समाज को निशाने पर ला खड़ा किया, जहां 220 लोगों पर एससी/एसटी कानून लगा दिया गया।
घटना की शुरुआत 30 जनवरी को हुई जब कैलाश पासवान ने सड़क पर हेमकांत झा के परिजनों को रोक मजदूरी के 2.47 लाख वसूलने की बात की। नोकझोंक से शुरू हुआ झगड़ा पंचायत तक खिंच गया। अगले दिन ब्राह्मणों का कथित हमला पासवान बस्ती पर हुआ, जिसमें संपत्ति क्षतिग्रस्त हुई और 11 जने चोटिल पड़ गए।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर छाया है। पीड़ित अशर्फी पासवान के आधार पर थाने ने 70 नामजद सहित 150 अज्ञात पर केस ठोक दिया। 12 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, एसडीपीओ ने पुष्टि करते हुए बताया कि पैसों का विवाद ही मूल कारण था।
दूसरी ओर ब्राह्मण समाज का कहना है कि झा-पासवान के बीच का निजी पंगा था, जिसे जानबूझकर जातिवादी रंग दिया गया। फरार आरोपियों में कई बेगुनाह बताए जा रहे हैं। सामाजिक संगठन भी चार्जशीट सुधारने की बात कर रहे हैं।
माहौल गरमाया है, गांव तनावग्रस्त। एससी/एसटी आयोग अध्यक्ष धनंजय कुमार ने अस्पताल जाकर हाल जाना। छोटे-मोटे लेन-देन को हिंसा बनाने वालों पर चेतावनी दी। चिराग पासवान के फोन और राज्य सरकार के आदेश पर जांच तेज। पीड़ितों को न्याय और दोषियों को सजा का भरोसा दिलाया।
ऐसे मामले ग्रामीण शांति के लिए खतरा बन रहे हैं, जरूरी है त्वरित निपटारा।