वैश्विक व्यापार में भारत की उभरती ताकत सभी को आकर्षित कर रही है। चीन भी अब सकारात्मक मोड़ ले रहा है। नई दिल्ली में चीनी दूत शू फेइहोंग ने ऐलान किया कि द्विपक्षीय संबंध नई ऊंचाइयों के रास्ते पर हैं।
गलवान के बाद मोदी-शी की तियानजिन वार्ता ने बदलाव लाया। हवाई संपर्क, पर्यटन वीजा, मानसरोवर यात्रा सब बहाल। लोगों के बीच दूरी घटी।
ईयर ऑफ ड्रैगन के उत्सव पर शू ने नेताओं की बैठक को टर्निंग पॉइंट कहा। आर्थिक सहयोग चरम पर, व्यापार 155.6 बिलियन डॉलर, 12% विकास। भारत का चीन को निर्यात 9.7% बढ़ा।
यह दो एशियाई शक्तियों की मजबूत साझेदारी दर्शाता है। चीन का सामंजस्य दृष्टिकोण भारत के विश्व परिवार अवधारणा से जुड़ता है। 26 जनवरी को शी का संदेश ड्रैगन-हाथी की जोड़ी पर केंद्रित।
शू ने गणतंत्र दिवस पर भाग लिया, सहयोग की अपील की। पहले कहा था कि पंचवर्षीय योजना में भारत संग गहरा सहकार्य, मेक इन इंडिया को बढ़ावा। आने वाला समय दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा।