सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भारत के एनएसए अजीत डोभाल ने अपने समकक्ष मुसैद बिन मोहम्मद अल-ऐबान के साथ द्विपक्षीय और क्षेत्रीय सहयोग पर विस्तृत चर्चा की। यह बुधवार को हुई मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देगी।
दूतावास के एक्स पोस्ट के मुताबिक, बातचीत में सुरक्षा सहयोग के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर जोर रहा। डोभाल का मंगलवार को आगमन राजदूत सुहेल एजाज खान और सऊदी अधिकारियों ने सम्मानित किया।
सामरिक साझेदारी परिषद के तहत सुरक्षा कार्य समूह की तीसरी बैठक के बाद यह उच्च स्तरीय संवाद हुआ। आतंकवाद से निपटने, चरमपंथ रोकने, फंडिंग पर अंकुश, तकनीक दुरुपयोग और संगठित अपराध-आतंक लिंक पर विचार साझा किए गए।
पहलगाम (22 अप्रैल 2025) और दिल्ली के लाल किले (10 नवंबर 2025) हमलों सहित सीमा-पार आतंकवाद की कड़ी भर्त्सना की गई। पारस्परिक कानूनी सहायता और प्रवर्तन तंत्र मजबूत करने पर बल। विनोद बहाडे और अहमद अल-ईसा की सह-अध्यक्षता वाली बैठक रचनात्मक रही।
दुनिया के बदलते समीकरणों में भारत की अरब नीति विविधीकरण पर आधारित है। सऊदी-पाक दोस्ती के बीच भारत-यूएई सैन्य गठजोड़ तेज। 19 जनवरी को यूएई राष्ट्रपति का संक्षिप्त मोदी मुलाकात इसका प्रमाण। नई दिल्ली में दस साल बाद भारत-अरब विदेश मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित होना भारत की प्रतिबद्धता दर्शाता है। मोदी युग में अरब संबंध कूटनीतिक ऊंचाइयों को छू रहे हैं।