लोकसभा में राष्ट्रपति के भाषण पर बहस के बीच कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान ने सियासी भूचाल ला दिया। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बुधवार को मीडिया से कहा कि राहुल ने तीन दिनों से संसद को बंधक बना रखा है, वो भी एक ऐसी किताब के हवाले से जो बाजार में आई ही नहीं।
दुबे ने राहुल की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता को सदन की प्रक्रियाओं का ज्ञान ही नहीं। ‘अप्रकाशित किताब पर बहस? यह हास्यास्पद है। अगर किताबें खेलनी हैं तो वे किताबें लाएं जो भारत में बैन हैं और नेहरू-गांधी परिवार की पोल खोलती हैं।’
उन्होंने सूची दी- ‘इंडिया इंडिपेंडेंट’ जिसमें नेहरू का माउंटबेटन-एडविना के साथ बंटवारे में साठगांठ का दावा। 1964 में प्रतिबंधित। ‘एडविना एंड नेहरू’ में निजी रिश्तों का ब्योरा। इंदिरा पर ‘द लाइफ ऑफ इंदिरा नेहरू गांधी’ में अनैतिक संबंध, केजीबी पैसे और राजनीतिक भ्रष्टाचार के आरोप।
नेहरू पर ‘नेहरू: ए पॉलिटिकल बायोग्राफी’ में देश विखंडन, चालाकी और गद्दारी के चार्ज। एमओ मथाई की ‘बिगिनर्स एंड नेहरू एज’ में इंदिरा के 12 साल साथ रहने का दावा। दुबे ने ‘सीजफायर’, ‘द आर्ट ऑफ इंडिया’, ‘नेपाल’, ‘कैप्टिव कश्मीर’, ‘हिमालयन ब्लंडर’ का भी नाम लिया।
यह हमला भाजपा की रणनीति का हिस्सा लगता है, जो ऐतिहासिक विवादों को उछालकर कांग्रेस को घेर रही है। संसद में ऐसी जंगें भविष्य की राजनीति तय करेंगी।