अमेरिका के न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सामाजिक विकास आयोग के 64वें सत्र में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य सामाजिक न्याय पर टिके हैं। भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व कर她们 उन्होंने समावेशी विकास के भारतीय मॉडल को रेखांकित किया।
सामाजिक न्याय को विकसित भारत@2047 विजन का केंद्र बताते हुए ठाकुर ने कोपेनहागन घोषणा और दोहा घोषणापत्र का हवाला दिया। भारत का ‘सबका साथ, सबका विकास’ मॉडल समाज व सरकार के समग्र दृष्टिकोण से सभी को गरिमा, समता व संधी प्रदान करता है।
देश की बड़ी पहलें गिनाते हुए उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा से 80 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी हैं। 55 करोड़ से अधिक को स्वास्थ्य केंद्रों से मुफ्त इलाज उपलब्ध है। 16,000 जन आरोग्य केंद्रों से सस्ती दवाइयां पहुंच रही हैं।
स्थानीय स्तर पर 1.45 करोड़ महिला प्रतिनिधि लोकतंत्र को मजबूत कर रही हैं। लड़कियों के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ व सुकन्या योजना क्रांति ला रही हैं। श्रम कानूनों से समान मजदूरी, सुरक्षा और महिला रोजगार बढ़ा है।
गारंटी रहित ऋणों ने महिलाओं व छोटे व्यापारियों को मुख्यधारा में लाया। स्माइल ट्रांसजेंडर वर्गों को मुख्य प्रवाह में जोड़ रही है। डिजिटल ढांचा, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण व नागरिक सहभागिता से पारदर्शी व अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंच रही है।
भारतीय संस्कृति के ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ सिद्धांत को याद दिलाते हुए ठाकुर ने सामाजिक न्याय के वैश्विक एजेंडे पर साझेदारी व अनुभव विनिमय की प्रतिबद्धता जताई।