अभिषेक बच्चन का करियर ग्राफ शादी के बाद ऊंचा चढ़ा, जिसमें पत्नी ऐश्वर्या राय का साथ बड़ा हाथ रहा। मुंबई में 1976 में जन्मे इस जूनियर बच्चन ने साबित कर दिखाया कि वे स्टार किड से कहीं ज्यादा हैं। उनकी लव स्टोरी फिल्मी सेट्स से शुरू हुई और जिंदगी भर का साथ बनी।
‘ढाई अक्षर प्रेम के’ से ऐश्वर्या के साथ पहली जोड़ी बनी, जो ‘कुछ ना कहो’ और ‘धूम 2’ में हिट साबित हुई। ‘गुरु’ के रिलीज पर 2007 में विवाह हुआ। इसके बाद अभिषेक ने किरदारों की तलाश की, जो अभिनय की परीक्षा लें। ‘सरकार राज’ और ‘झूम बराबर झूम’ में विविधता दिखाई।
‘दोस्ताना’ ने कॉमेडी का नया रंग भरा। ‘पा’ में अमिताभ के सामने मजबूत खड़े हुए। ‘दिल्ली-6’ को सराहना मिली, जबकि ‘रावण’ और ‘दम मारो दम’ में नेगेटिव शेड्स निभाए। ‘बोल बच्चन’ ने डबल रोल से धमाल मचाया।
बड़ी फिल्में ‘धूम 3’, ‘हैप्पी न्यू ईयर’ चलीं। ‘मनमर्जियां’ और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ‘लूडो’, ‘द बिग बुल’, ‘बॉब बिस्वास’, ‘दसवीं’ ने नई जान फूंकी।
खेल और बिजनेस में जयपुर पिंक पैंथर्स की कप्तानी और प्रॉपर्टी डील्स ने छवि मजबूत की। पिता की ‘जादूगर’ फिल्म की याद दिलाते हुए अभिषेक ने अपनी दुनिया में चमत्कार कर दिखाया। ऐश्वर्या ने धैर्य और समर्थन से यह संभव बनाया।