नई दिल्ली से मिली ताजा रिपोर्ट के अनुसार, एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई जनवरी में 58.5 पर चढ़ गया, जो दिसंबर के 58.0 से अधिक है और दो महीनों का सर्वोच्च स्तर है। एसएंडपी ग्लोबल के सर्वे में नया कारोबार और आउटपुट में रफ्तार पकड़ने का जिक्र है।
सेवा कंपनियों ने जनवरी में गतिविधियों में उछाल महसूस किया। आशावादी दृष्टिकोण के कारण उन्होंने नई भर्तियां कीं। लागत और कीमतों में वृद्धि के बावजूद विकास जारी रहा। मुख्य वजहें रहीं मजबूत मांग, अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर और तकनीकी अपग्रेड।
नए व्यवसाय का बड़ा स्रोत घरेलू मांग था, मगर विदेशी बाजारों से भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। इंडोनेशिया से लेकर वियतनाम तक के ग्राहकों ने योगदान दिया। विस्तार तीन महीने की सबसे तेज गति पर था, जबकि विश्वास का स्तर चरम पर।
प्रांजुल भंडारी ने टिप्पणी की कि 58.5 का आंकड़ा दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया से मांग बढ़ने का प्रमाण है। कीमतें नियंत्रित हैं और कंपोजिट पीएमआई ने समग्र मजबूती दिखाई।
भारत का सेवा क्षेत्र आर्थिक विकास का इंजन साबित हो रहा है। वैश्विक मंदी के दौर में भी इसकी लचक प्रभावित करने वाली है। आने वाले समय में और प्रगति की संभावनाएं明る हैं।