मधेपुरा जिले के इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्रावास एक छात्रा की रहस्यमयी मौत से सनसनी बन गया। सोमवार की शाम हुई इस विपत्ति ने बाकी लड़कियों को भयभीत कर दिया। वे हॉस्टल को छोड़कर घर लौटने पर उतारू हैं और भूख-प्यास भी त्याग दी है।
मंगलवार सुबह तनाव चरम पर पहुंचा। प्राचार्य ने छात्राओं से बात की, सुरक्षा बढ़ाने का भरोसा दिलाया और स्टाफ को दोगुना करने का ऐलान किया। फिर भी डर कम नहीं हो रहा। छात्राएं चीख-चीखकर कह रही हैं- हमें यहां मत रखो, घर भेज दो।
प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई। पिता ने गुस्से में कहा- कॉलेज ने सूचना नहीं दी, रूममेट ने बताया। बेटी रविवार को ठीक थी, 27 जनवरी को लौटी थी। सितंबर 2024 में दाखिला हुआ था।
पुलिस सक्रिय है, जांच चल रही। रूममेट को घर भेजा गया। यह हादसा बिहार के कॉलेज हॉस्टलों की कमियों को सामने लाता है। सुरक्षा, निगरानी और काउंसलिंग जरूरी है ताकि ऐसी त्रासदी न दोहरे।