मालदा दौरे पर पहुंचे बीजेपी नेता दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को आड़े हाथों लिया। चाय पर जनता से रूबरू होते हुए उन्होंने ममता के दिल्ली प्रवास को डर का परिचायक बताया, जो एसआईआर प्रक्रिया से उपजी सत्ता की घबराहट को उजागर करता है।
घोष ने कहा कि राज्यव्यापी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच ममता का दिल्ली जाना संदिग्ध है। उन्हें लग गया है कि सही एसआईआर से टीएमसी का वोट बैंक ध्वस्त हो जाएगा, इसलिए वहां जाकर हाईड्रामा रच रही हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ लगभग डेढ़ घंटे चली बैठक से बाहर आते ही ममता ने बयान देना शुरू कर दिया। घोष का कहना है कि एसआईआर बिल्कुल सुचारू है, लेकिन टीएमसी वाले बीजेपी बीएलओ को तंग कर रहे हैं और प्रक्रिया को लटकाने की साजिश रच रहे हैं।
बिहार के उदाहरण का जिक्र करते हुए घोष ने भरोसा जताया कि बंगाल में भी एसआईआर सफल होगा और परिणाम बिहार जैसे ही होंगे, जो सत्ता परिवर्तन लाएंगे।
दूसरी तरफ पप्पू यादव ने ममता का साथ देते हुए उन्हें ‘झांसी की रानी’ कहा। बीजेपी के सवालों के जवाब में समर्थकों की आवाजें उठ रही हैं, जिससे बंगाल चुनावी माहौल और तल्ख होता जा रहा है।