लोकसभा में बुधवार को कांग्रेस के दिग्गज सांसद मनीष तिवारी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर स्थगन प्रस्ताव ला घेराबंदी कर दी। महासचिव स्नेहलता श्रीवास्तव को लिखे पत्र में उन्होंने प्रश्नकाल, शून्यकाल समेत सभी कार्यों को स्थगित कर इस गंभीर मुद्दे पर बहस कराने की मांग की।
पत्र में तिवारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान का हवाला देते हुए कहा कि भारत ने रूस से तेल खरीद बंद करने, अमेरिका-वेनेजुएला से डबल आयात, सभी व्यापारिक बाधाओं को खत्म करने और 500 बिलियन डॉलर के अमेरिकी सामान खरीदने का वादा किया है। यह दावा देश के आर्थिक हितों के लिए खतरा है।
तिवारी ने स्पष्ट किया कि रूसी तेल ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर लगाम लगाई है। इसमें कोई बड़ा परिवर्तन अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाएगा। किसान, छोटे कारोबारी और विनिर्माण क्षेत्र इस डील से बुरी तरह प्रभावित होंगे।
सरकार से उन्होंने बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट करने और सदन में खुली चर्चा की मांग की। तिवारी का जोर रहा कि व्यापारिक-सैन्य निर्णयों में संसद की भूमिका अनिवार्य होनी चाहिए।
समझौते में भारत के सामान पर यूएस टैरिफ घटकर 18 फीसदी रह गया, तो भारत ने भी कुछ रियायतें दीं। विपक्ष इसे अमेरिका के पक्ष में असंतुलित करार दे रहा है। सत्र के दौरान यह मुद्दा गरमाता नजर आ रहा है, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हो सकती है।