पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान में मंगलवार को ईडी का तूफान आ गया। रेत और कोयला तस्करी के काले कारोबार पर प्रहार करते हुए एजेंसी ने नबाग्राम, दुर्गापुर व पांडवेश्वर समेत कई जगहों पर छापे मारे। ईसीएल की कोयला खदानों से चोरी के आरोपों की जांच तेज हो गई है।
करीब 30 अधिकारियों वाली टीम केंद्रीय बलों संग नबाग्राम पहुंची और तलाशी अभियान चलाया। दुर्गापुर में रेत माफिया के महंगे बंगले पर निशाना साधा गया। यह शख्स पानागढ़ छोड़कर दो वर्ष पूर्व यहां आया और दुबई भ्रमण से लौटा, जिससे उसके विदेशी कनेक्शन संदेह के घेरे में हैं।
तीन सदस्यीय दस्ते को घर में घुसने नहीं दिया गया, मगर बल प्रयोग से प्रवेश संभव हुआ। भाई के घर की भी तफ्तीश की गई, नेटवर्क का पर्दाफाश करने को कोशिश जारी।
ऑपरेशन जनवरी 8 को आई-पैक के प्रतीक जैन पर छापों के क्लू से निर्देशित है। तब सीएम ममता ने राजनीतिक दबाव का आरोप लगाते दस्तावेज ले लिए थे। बरामद सामान पर चुप्पी साधे ईडी विस्तृत जांच पर उतारू है।
यह कदम बंगाल के खनन क्षेत्रों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में मजबूत संदेश देता है। आर्थिक नुकसान रोकने और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने हेतु ऐसी कार्रवाइयां अनिवार्य हैं। राज्य की सियासत में नया विवाद भी खड़ा हो गया।