भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर न्यूयॉर्क में उतर चुके हैं, जहां से वे तीन दिनों की अमेरिकी यात्रा का आगाज कर रहे हैं। वाशिंगटन में मंगलवार को मार्को रुबियो के साथ उनकी मुलाकात महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित होगी।
ट्रंप-मोदी फोन कॉल के बाद व्यापार सौदे की घोषणा से उत्साहित वातावरण में हो रही यह बैठक द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देगी।
2 से 4 फरवरी तक के दौरे में जयशंकर रुबियो की मेजबानी वाली खनिज मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे। चर्चा का फोकस सप्लाई चेन की लचीलापन और सामरिक गठबंधनों पर रहेगा।
न्यूयॉर्क से राजधानी की ओर बढ़ते हुए मंगलवार को द्विपक्षीय बातचीत होगी, उसके अगले दिन मुख्य बैठक। उपराष्ट्रपति जेडी वांस वाले आयोजन में उनका संबोधन भी संभावित है।
बातचीत के दायरे में यूक्रेन संकट, मिडिल ईस्ट परिदृश्य, आर्थिक साझेदारी जैसे विषय शामिल होंगे। अन्य अमेरिकी नेताओं से अनौपचारिक मुलाकातें भी होंगी।
आर्थिक सुरक्षा के मोर्चे पर भारत-अमेरिका का तालमेल बढ़ा है। महत्वपूर्ण खनिज इसकी रीढ़ हैं, जिनकी सुरक्षित चेन बनाने से दोनों देशों को तकनीक, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा में लाभ मिलेगा।
विदेश विभाग ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया, इसे ऐतिहासिक कदम करार दिया। जयशंकर का दौरा वैश्विक मंच पर दोनों राष्ट्रों की एकजुटता को रेखांकित करता है।