भारतीय-अमेरिकी बिजनेस हस्तियों ने भारत-अमेरिका व्यापार pact को जोरदार समर्थन दिया है, इसे रिश्तों को मजबूत करने वाला बताया। नीति जानकारों ने हालांकि कुछ अनुत्तरित सवालों पर चिंता जताई।
रिपब्लिकन फंडरेजर आशा जडेजा मोटवानी ने खुलासा किया कि ट्रंप टीम फरवरी से सक्रिय थी। ‘संकेत मिल चुके थे, लेकिन गति चौंकाने वाली,’ उन्होंने कहा। पीएम मोदी पर भरोसा जताते हुए रूसी तेल से अमेरिकी ओर रुख की उम्मीद की। 25-18% टैरिफ कटौती को सर्वोत्तम करार दिया।
भारत को अब वॉशिंगटन के लिए रणनीतिक साझेदार मानने की बात दोहराई, निजी क्षेत्र से त्वरित कार्रवाई की अपील की।
रेमंड विकरी ने संबंध सुधार का स्वागत किया, लेकिन टैरिफ प्रभावित वस्तुओं पर सवाल उठाए—कृषि, डेयरी क्षेत्र संवेदनशील। 500 अरब डॉलर खरीद आंकड़े को अवास्तविक ठहराया।
रिक रॉसो ने टैरिफ के बावजूद व्यापार लचीलापन सराहा, 16% वृद्धि पर गर्व। इसे प्रारंभिक कदम बताते हुए बाजार पहुंच में राहत की बात की।
नीरज अंटानी ने द्विपक्षीय कटौती व तेल नीति बदलाव को ऐतिहासिक बताया, पुराने गतिरोध समाप्त करने वाला।
योगी चुग ने वैश्विक स्पर्धा में इसे रणनीतिक जीत कहा।
बातचीतें बाजार व राजनीतिक बाधाओं से रुकीं, तट व्यापार 200 अरब डॉलर हो गया। ऊर्जा, रक्षा, तकनीक सहयोग के दौर में यह महत्वपूर्ण है, विस्तृत जानकारी इंतजार।