रांची के अरगोड़ा क्षेत्र में एक साथ तीन जिंदगियों पर संकट आ गया। कडरू न्यू एजी कॉलोनी स्थित घर में बेटे मिहिर ने फंदा लगा लिया, वहीं मां और छोटी बहन ने दवाइयों की घातक खुराक ले ली। आर्थिक बदहाली ने इस परिवार को बर्बाद कर दिया। मिहिर की मौत हो चुकी है, जबकि स्नेहा अखौरी और उनकी नाबालिग बेटी वेंटिलेटर पर हैं।
मिहिर ने कोलकाता से सीए की डिग्री हासिल की थी और रांची में प्राइवेट जॉब कर रहा था। सात दिन पहले ही घर लौटा, लेकिन कर्ज का जाल उसे बचा न सका। मां स्नेहा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाली वकील रहीं, पर हालात ने उन्हें हतोत्साहित कर दिया। कक्षा नौ की छात्रा बहन ने भी मां का साथ दिया इस आत्मघाती कदम में।
पड़ोसियों ने शक होने पर पुलिस को सूचना दी। अरगोड़ा थाना प्रभारी के नेतृत्व में फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने जांच शुरू की। घटनास्थल से बरामद सामान वित्तीय संकट की पुष्टि करते हैं। अधिकारी ने कहा कि पूर्ण जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
शव को पीएम के लिए भेजा गया है। इलाके में दहशत है, हर कोई इस त्रासदी पर सवाल उठा रहा। यह हादसा आर्थिक तंगी के खतरों को उजागर करता है। सरकार और समाज को मानसिक सहायता केंद्र मजबूत करने होंगे ताकि भविष्य में ऐसा न हो। परिवारों को संभालने के लिए जागरूकता जरूरी है।