भाजपा सांसद बाबूराम निषाद ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के लोकतंत्र पर खतरे के बयान को मोदी सरकार के विकास कार्यों से उपजी हताशा करार दिया। नई दिल्ली से आ रही यह टिप्पणी राजनीतिक घमासान को हवा दे रही है।
दिग्विजय ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद का सौहार्दपूर्ण वातावरण कट्टरवादियों द्वारा धार्मिक भड़काऊ बयानों से बर्बाद हो रहा है। हिंदू-मुस्लिम एकता पर संकट मंडरा रहा है।
निषाद का स्पष्ट कहना है कि दिग्विजय को मोदी नीतियों से फायदा उठा रहे ग्रामीणों, गरीबों, किसानों व श्रमिकों से जलन हो रही है। पिछले बजटों ने राष्ट्र का स्वरूप बदल दिया। कांग्रेस का पुराना हथकंडा-जाति, तुष्टि, क्षेत्रवाद व भू-स्वामी तंत्र- समाप्त हो चुका। अब सिर्फ विकास ही राज करेगा।
गुलाम अली खटाना ने कांग्रेस के दंगों वाले इतिहास को याद दिलाया। ‘दिग्विजय के बेतुके बयान भाजपा को नहीं रुलाएंगे।’ राहुल गांधी के चीन बयान पर सदनिक हंगामे पर उन्होंने अपील की कि विपक्ष नेता को संसदीय शिष्टाचार निभाना चाहिए। उनकी मिसाल दूसरे लेते हैं, इसलिए अनुशासन जरूरी है।
भाजपा विकास पर अडिग है, जबकि कांग्रेस भयमिश्रित बयानों पर उतर आई। आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होगा।