पाकिस्तान और भारत के बीच क्रिकेट मुकाबले पर फिर संकट मंडराने लगा है। शाहबाज शरीफ सरकार ने 2026 टी20 विश्व कप के 15 फरवरी के भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का एलान तो कर दिया, लेकिन पीसीबी आईसीसी को औपचारिक रूप से इसकी भनक तक नहीं लगने दे रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड सरकार के फैसले को सोशल मीडिया घोषणा तक सीमित रखना चाहता है।
प्रधानमंत्री शरीफ ने रविवार को लाहौर में नकवी और पूर्व चेयरमैन नजम सेठी से भेंट की। सेठी ने 2016 के भारत के समझौता तोड़ने का हवाला देकर कड़ा कदम उठाने की हिमायत की। सरकार ने टूर्नामेंट में शामिल होने की मंजूरी दी, पर भारत मुकाबले से हाथ धो लिया। इवेंट 7 फरवरी से भारत-श्रीलंका में शुरू हो रहा है।
सूत्रों का कहना है, ‘आधिकारिक चैनलों से घोषणा हो चुकी, आईसीसी को अलग से बताने की क्या जरूरत।’ पीसीबी का यह रवैया सहमति से समाधान की आईसीसी अपीलों को नजरअंदाज करने जैसा है।
आईसीसी ने साफ शब्दों में कहा कि चुनिंदा खेल स्वीकार्य नहीं, अन्यथा कड़े कदम उठेंगे। मैच न होने से ब्रॉडकास्टर्स को भारी नुकसान, कानूनी लड़ाई तय। पाकिस्तान ने तैयारी कर ली है और बोर्ड को समर्थन का भरोसा दिलाया।
इंडो-पाक रंजिश क्रिकेट मैदान तक पहुंच गई है। प्रशंसक आशान्वित हैं कि बातचीत से कोई रास्ता निकले।