हाईप्रोफाइल धौला कुआं बीएमडब्ल्यू दुर्घटना मामले में दिल्ली कोर्ट ने आरोपी गगनप्रीत कौर को आरोपपत्र सौंपने का आदेश दिया। वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी नवजोत सिंह की इस दुर्घटना में जान गई, जिसके बाद सड़क परिवहन और न्याय पर तीखी चर्चाएं तेज हो गईं।
पटियाला हाउस कोर्ट में सोमवार को पेश हुईं कौर को मजिस्ट्रेट अंकित गर्ग ने यह निर्देश दिया। दस्तावेजों की स्क्रूटनी 20 फरवरी को होगी, जो केस को ट्रायल की ओर ले जाएगी।
जनवरी 23 को पुलिस की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए मजिस्ट्रेट ने टिप्पणी की: आरोपपत्र की जांच से अपराध प्रथम दृष्टया साफ है। संज्ञान लिया जाता है और समन जारी।
बीएनएस की धाराओं 105, 281, 125बी व 238ए के अंतर्गत केस दर्ज, जो रैश ड्राइविंग से हत्या तक के आरोपों को समेटे हुए हैं।
14 सितंबर 2025 को धौला कुआं में कौर की लग्जरी कार ने सिंह की बाइक को जोरदार टक्कर दी। सिंह की मौत हो गई, पत्नी की हालत नाजुक बनी। पुलिस ने कौर की गलती को दुर्घटना का मूल कारण ठहराया।
हादसे के बाद आरोपी ने नजदीकी बड़े अस्पतालों को नजरअंदाज कर नुलाइफ जैसे दूरस्थ जगह चुनी। इससे ‘गोल्डन आवर’ चूक गया, जो जानलेवा साबित हुआ। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि सही समय पर मदद से जीवन बचाया जा सकता था।
दुर्घटना के बाद सीसीटीवी ने सारी कथा उजागर की। यह प्रकरण अमीर तबके की ड्राइविंग लापरवाही, इमरजेंसी मेडिकल सिस्टम की कमियों और कोर्ट की भूमिका पर रोशनी डालता है। न्याय की प्रक्रिया जारी है, परिणाम का इंतजार बाकी।