बिहार की राजधानी पटना में एक लड़की हॉस्टल में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया। पटना हाईकोर्ट ने पिता की याचिका को सोमवार को खारिज करते हुए कहा कि मामला अब सीबीआई को सौंपा जा चुका है।
जस्टिस अरुण कुमार झा ने अकेले सुनवाई की और राज्य की ओर से मिली जानकारी पर संतुष्टि जताई। अदालत ने पिता को आश्वासन दिया कि जरूरत पड़ने पर दोबारा दरवाजा खटखटा सकते हैं। सरकार ने पुष्टि की कि सीबीआई पूरी तत्परता से जांच कर रही है।
11 जनवरी 2026 को चित्रगुप्त नगर के हॉस्टल में छात्रा की मौत हुई। पिता ने वकील अलका वर्मा के जरिए जनहित याचिका दायर कर कई अधिकारियों पर लापरवाही का ठहराया। याचिका में स्वतंत्र जांच या न्यायिक पर्यवेक्षण की मांग थी, जो आंशिक रूप से सीबीआई के रूप में पूरी हुई।
प्रतिवादी सूची में गृह-स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर, पुलिस महकमा, हॉस्टल संचालक और निजी अस्पताल शामिल। याचिका ने छात्रावासों खासकर कन्या हॉस्टलों में सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया। कोचिंग सिटी पटना में ऐसी घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। सीबीआई से न्याय की आस बंधी है।