नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में भारत और नॉर्वे के बीच आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने वाली चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने व्यापार एवं उद्योग राज्य सचिव रैगनहिल्ड शोनर सिरस्टैड से भेंटवार्ता की, जिसमें भारत-ईएफटीए-टीईपीए के बाद आर्थिक बंधनों को सशक्त करने और ग्रीन व ब्लू तकनीक क्षेत्रों में निवेश पर फोकस रहा।
MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, सोमवार की यह बैठक दोनों पक्षों के लिए लाभदायक साबित हुई। ब्लू टेक्नोलॉजी समुद्री संसाधनों के संरक्षण और नीली अर्थव्यवस्था को गति देने से संबंधित है, वहीं ग्रीन टेक पर्यावरण-अनुकूल समाधानों पर जोर देती है।
पृष्ठभूमि में 27 जनवरी को नई दिल्ली में पीएम मोदी और उर्सुला वॉन डेर लेयेन द्वारा किए गए भारत-ईयू एफटीए हस्ताक्षर हैं, जिससे यूरोपीय निर्यात के 90% से अधिक वस्तुओं पर टैरिफ में भारी कमी आएगी। मशीनरी (44%), केमिकल (22%), दवाओं (11%) पर शुल्क घटेगा, जबकि अधिकांश एयरक्राफ्ट, स्पेसक्राफ्ट और केमिकल उत्पादों पर इसे समाप्त किया जाएगा।
जॉर्ज ने नॉर्वे निवासी भारतीयों से संवाद साधा, उनकी पुलबंधु भूमिका का उल्लेख किया तथा ईएफटीए-ईयू एफटीए, ग्लोबल साउथ लीडरशिप और भारत की वैश्विक प्रगति पर चर्चा की। दूतावास ने डायस्पोरा की अहमियत पर बल दिया।
12वीं फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन के लिए पहुंचे जॉर्ज का स्वागत राजदूत ग्लोरिया गंगटे ने किया, जहां टॉर्जियर लार्सन से द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने पर बात हुई। फरवरी 1947 से परस्पर सम्मानपूर्ण संबंधों वाले ये दोनों देश साझा मूल्यों पर आधारित मजबूत साझेदारी की ओर अग्रसर हैं।