बांग्लादेश में महंगाई आसमान छू रही है, आवास संकट गहरा गया है, पानी की किल्लत और सार्वजनिक सेवाएं चरमरा रही हैं। फिर भी, मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने ढाका के मिंटो रोड पर 71 आलीशान फ्लैट्स मंत्रियों को आवंटित करने को मंजूरी दी। इससे नैतिक और राजनीतिक बहस छिड़ गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीन ब्लॉकों में बनने वाले फ्लैट्स पर 786 करोड़ टका खर्च होंगे, फिटआउट पर 20 करोड़ और। प्रत्येक का साइज 8,500-9,300 वर्गफुट, रूफटॉप पूल सहित—सब सरकारी खजाने से।
न्यू एज अखबार ने इसे चार स्तरों पर विफलता करार दिया: संसाधन वितरण का उल्लंघन, भरोसे का क्षय, 2024 आंदोलन से धोखा और चुनावी जल्दबाजी में एलीटवाद को बल। देश गरीब है—असमानता, पर्यावरण खतरे, शहरों की फूट और सेवाओं का अभाव है।
लोग असुरक्षित घरों में ठूंस लिए गए, शिक्षा-स्वास्थ्य लड़खड़ा रहे। ये ‘आधिकारिक आवास’ वास्तव में शाही महल हैं, जो दिखाते हैं कि प्राथमिकता एलीट आराम है।
12 फरवरी चुनाव के बाद सत्ता की फिराक में दलों की चुप्पी संदिग्ध है—कोई विरोध नहीं, कोई वादा नहीं। यह तटस्थता नहीं, सांठगांठ है। बांग्लादेश को अब सच्ची पारदर्शिता चाहिए।