केंद्रीय बजट 2026 पर अर्थशास्त्रियों की प्रतिक्रियाएं सकारात्मक हैं। सरकार ने देश की क्षमताओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। लक्षित राजस्व, खर्च और डेट-टू-जीडीपी के आंकड़े वास्तविक और प्राप्त करने योग्य हैं।
एलएंडटी के चीफ इकोनॉमिस्ट डॉ. सच्चिदानंद शुक्ला ने इसे संतुलित बजट करार दिया। वैश्विक घटनाओं के मद्देनजर तैयार यह बजट मध्यम अवधि में आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करेगा। मैन्युफैक्चरिंग, आधारभूत संरचना, डेटा केंद्रों और अर्धचालक उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है।
शुक्ला के अनुसार, यह बजट आर्थिक विश्वास को पुनः जगा देगा। सभी लक्ष्य आसानी से हासिल हो जाएंगे।
आरके मिश्रा ने कस्टम सुधारों का स्वागत किया, जो व्यापार को सरल बनाएंगे। एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ का फंड मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा। टेक्सटाइल घोषणाएं रोजगार सृजन में मील का पत्थर साबित होंगी।
जेफरीज की रिपोर्ट में पूंजीगत खर्च, खासकर रक्षा पर अतिरिक्त ध्यान की प्रशंसा हुई। डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम्स घरेलू प्रौद्योगिकी को मजबूत करेंगी।
बजट 2026 विकास की नई ऊंचाइयों की ओर इशारा करता है, जो भारत को आत्मनिर्भर बनाएगा।