कांग्रेस सांसद गेनीबेन ठाकोर ने सोमवार को थारद (गुजरात) से केंद्रीय बजट 2026-27 की कड़ी निंदा की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रस्तुतिकरण के बाद उन्होंने कहा कि यह बजट किसानों, महिलाओं, युवाओं और सर्वसाधारण की परेशानियों का समाधान करने में असफल रहा।
किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य, उर्वरक-बीज लागत, सिंचाई और आय सुनिश्चितता पर कोई राहत नहीं मिली। बनासकांठा सहित कृषि क्षेत्र बेहद आहत हैं। महिलाओं के लिए आर्थिक स्वावलंबन या नौकरी के नए कार्यक्रम गायब हैं।
युवाओं की बेरोजगारी पर कोई ठोस कदम या समयसीमा नहीं। शिक्षा-स्वास्थ्य-ग्रामीण विकास के बजट भी नाकाफी हैं।
ठाकोर ने कहा कि बजट अमीरों-चुनिंदा लोगों के हितों को बढ़ावा देता है। पूंजी निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, लोथल-धोलावीरा पर्यटन विकास और नगर सुधारों पर फोकस है, लेकिन जनता की जरूरतें दब गईं।
यह बजट आम भारतीयों की आशाओं को धता बताता है, उन्होंने चेतावनी दी। संसदीय बहस में उनकी आवाज विपक्ष की मांगों को मजबूत कर रही है।