लोकसभा में डोकलाम सीमा पर चीनी अतिक्रमण के मुद्दे ने राजनीतिक तापमान तेज कर दिया। धन्यवाद प्रस्ताव चर्चा के दौरान राहुल गांधी की बात पर भाजपा सांसदों ने तीखा विरोध जताया। राजनाथ सिंह और अमित शाह के हस्तक्षेप से सदन ठप हो गया और कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
बाहर मीडिया से राहुल ने शिकायत की कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा रोक दी जा रही। पूर्व सेना प्रमुख नरवणे ने अपनी किताब में पीएम मोदी और रक्षा मंत्री को दिए निर्देशों का जिक्र किया है। मैं वही सदन में कहना चाहता हूं।
सरकार पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि चीन के आगे बढ़ने पर ’56 इंच की छाती’ क्या कर रही थी? किताब दबाने का कारण यही डर है। प्रियंका गांधी ने कहा कि वे एक प्रकाशित लाइन से भाग रहे हैं। यह मैगजीन अंश है, प्रमाणित स्रोत।
यह विवाद सीमा सुरक्षा पर खुली बहस की जरूरत बताता है। विपक्ष का दावा है कि सैन्य किताबें सच्चाई उजागर करेंगी, जिससे सरकार बचना चाहती है। संसद में लोकतांत्रिक चर्चा की मांग तेज हो गई है।