नई दिल्ली में राज्यसभा की चर्चा में दिग्विजय सिंह ने सोमवार को सरकार को घेरा। राष्ट्रपति अभिभाषण पर बोलते हुए उन्होंने चेताया कि सामाजिक समरसता नष्ट हो रही है और आर्थिक खाई कभी न देखी गई गहराई छू रही।
अल्पसंख्यक न्यायहीन? संविधान की भावना का अपमान हो रहा। बुलडोजर कार्रवाई धर्म देखकर, निर्दोष परिवार तबाह।
चार साल जेल में उमर खालिद व शरजील, बिना चार्जशीट। असम सीएम की भड़काऊ टिप्पणी पर चुप्पी क्यों?
सोनम वांगचुक जैसे सम्मानित व्यक्ति को लद्दाख में छठी अनुसूची के वायदे पर जेल। 100 दिन बीत गए, कोई ठोस कारण नहीं।
आर्थिक आंकड़े डरावने: शीर्ष 10% के पास 58% राष्ट्रीय आय, 65% संपदा; निचला 50% को 15% आय, महज 6.4% संपत्ति। ब्रिटिश राज से बदतर।
कॉर्पोरेट टैक्स से ज्यादा आम नागरिक भर रहे। गरीब, किसान, मजदूर नजरअंदाज। एससी-एसटी उत्पीड़न, अधिकारों पर कुठाराघात, आउटसोर्स नौकरियां असुरक्षित।
राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताजनक: चीन के कब्जे में 2000 वर्ग किमी, लद्दाख के 26 पेट्रोल पॉइंट्स। धार्मिक कट्टरता बांट रही समाज को।
किसान आय वादा अधूरा, लाखों स्कूल बंद, श्रमिक संकट में। लोकतंत्र संकट में, सौहार्द बचाओ, असमानता मिटाओ।