वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि भारत अब विश्व विकास का मुख्य चालक बन चुका है, जहां वैश्विक जीडीपी वृद्धि में उसका योगदान 17 प्रतिशत हो गया है। यह उपलब्धि अमेरिका को निराश करती है और एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के उदय को प्रमाणित करती है।
बजट 2026-27 के बाद संसद में छात्रों के साथ बातचीत में उन्होंने आईएमएफ के आंकड़ों वाला चार्ट का हवाला दिया, जिसे एलन मस्क ने शेयर किया था। चार्ट बताता है कि भारत-चीन की जोड़ी 43 प्रतिशत का योगदान दे रही है—भारत 17% और चीन 26% के साथ।
‘आर्थिक ताकत एशिया की ओर मुड़ रही है,’ सीतारमण ने कहा। चीन की बढ़त मानते हुए उन्होंने भारत के लंबे सफर पर विश्वास जताया। देशवासियों से अर्थव्यवस्था पर गर्व करने को कहा, क्योंकि भारत अब वैश्विक चर्चा का केंद्र है।
मस्क द्वारा वर्ल्ड ऑफ स्टैटिस्टिक्स के चार्ट को रीपोस्ट करने से वैश्विक शक्ति परिवर्तन स्पष्ट हुआ। भारत की मजबूती सुधारों, निर्यात वृद्धि और उपभोग मांग से आ रही है।
यह दौर भारत के लिए सुनहरा है, जहां नीतिगत फैसले विकास को गति दे रहे हैं। मंत्री का संदेश साफ है—भारत न केवल भागीदार है, बल्कि अगुआ बनने को तैयार है। आने वाले समय में और ऊंचाइयों की उमंग है।