रामपुर में 2 फरवरी को भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने केंद्र के बजट को समावेशी प्रगति और व्यापक सशक्तीकरण का निरंतर दस्तावेज करार दिया।
नकवी के अनुसार, यह आत्मनिर्भर भारत की ललकार का गजट है, जो विकसित भारत की क्षमता को ठोस रूप देता है। फटाफट स्कीमों या गड़बड़ सुधारों से परे, यह प्रगति और भरोसे से लबालब है।
दुनिया भर की आर्थिक परेशानियों के बावजूद मोदी सुशासन ने भारत की सफलता सुनिश्चित की। बजट अर्थव्यवस्था मजबूत करने और चुनौतियों के बीच स्थायित्व का खाका खींचता है।
विरोधियों को ललकारते हुए नकवी ने कहा, बजट से नहीं मोदी के काम से उनकी बेचैनी है, जो उनकी राजनीतिक गणित बिगाड़ चुका। सरकार जब किसान-मजदूर-युवा-महिलाओं की बात करे, तो 140 करोड़ देशवासियों की हो जाती है। बजट सभी को मुख्यधारा से जोड़ने वाला है।
राउत के आरोपों पर कहा, शरद पवार ने खुद राजनीति बंद करने को कहा। मदरसों की विदेशी फंडिंग पर एसआईटी ठीक, संस्थानों में मिसमैनेजमेंट हो तो कार्रवाई हो, वे कट्टरता के केंद्र न बने। सरकार सजग रहे।