भोपाल में मतदाता सूची की सफाई के नाम पर बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर सवाल ठोकते हुए कहा कि शहर में ढाई-तीन लाख वोटरों के नाम काटे गए हैं। उन्होंने इसे भाजपा और चुनाव आयोग की साजिश करार दिया।
सिंघार का आरोप है कि बिना जवाबदेही के यह छेड़छाड़ लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रहार है। ‘किसके आदेश पर इतने वोटरों को वोट डालने से रोका जा रहा है?’ उन्होंने तंज कसा। कांग्रेस ने एसआईआर को लेकर भाजपा को कटघरे में खड़ा किया है।
दूसरी तरफ, इंदौर के राजेंद्र नगर थाने में कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शिकायत की। एक बीएलए के नाते उन्होंने बताया कि उनके बूथ पर भाजपा समर्थक बीएलओ गड़बड़ी कर रहे हैं। फॉर्म-7 से झूठी आपत्तियां डालकर कांग्रेस समर्थकों के नाम कटवा रहे हैं।
पटवारी ने राऊ क्षेत्र का उदाहरण दिया जहां अधिकारी और भाजपा एजेंट मिले हुए हैं। यह अपराध है और कानून में सजा का प्रावधान मौजूद है। उन्होंने कहा कि हर दोषी पर एफआईआर होगी।
यह मुद्दा पूरे मध्य प्रदेश में फैल रहा है। कांग्रेस सड़क प्रदर्शन से लेकर अदालत तक लड़ेगी। चुनाव आयोग की चुप्पी सवालों को जन्म दे रही है। वोटरों के अधिकारों की रक्षा ही असली लोकतंत्र की जीत होगी।