अमेरिका एक बार फिर शटडाउन के कगार पर पहुंच गया है। कांग्रेस की नाकामी से 2026 का फेडरल फंडिंग बिल समय पर पारित न होने के चलते शनिवार को आंशिक सरकारी बंदी लागू हो गई। गैर-जरूरी सेवाएं रुक गईं, जिससे कई विभागों में हाहाकार मच गया।
दोनों दलों के नेता आशावादी हैं कि सीनेट अगले हफ्ते फंडिंग प्रस्ताव को हरी झंडी दे देगी। मिनियापोलिस में आईसीई एजेंटों की गोलीबारी से दो मौतों के बाद भड़के हिंसक प्रदर्शन इस संकट को और जटिल बना रहे हैं।
डेमोक्रेट्स ने डीएचएस फंडिंग पर आप्रजनन नीतियों को लेकर बातचीत तोड़ दी। परिणामस्वरूप शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य सेवाएं, हाउसिंग प्रोजेक्ट्स और रक्षा निगरानी ठप। शुक्रवार देर रात सीनेट ने सितंबर तक के फंडिंग पैकेज और डीएचएस के लिए 14 दिवसीय स्टॉपगैप पास किया।
ट्रंप ने सीनेट डील का समर्थन किया, हाउस को त्वरित एक्शन का निर्देश दिया। यह उनके दूसरे टर्म का दूसरा ऐसा संकट है। सीनेटर डिक डर्बिन बोले, ‘ट्रंप सरकार शिकागो-मिनियापोलिस के शांतिपूर्ण विरोधियों पर संसाधन बर्बाद कर रही, जबकि सच्चे खतरे जैसे ड्रग माफिया, बाल शोषक और तस्कर नजरअंदाज हो रहे।’
तीन-चौथाई फेडरल कामकाज पर ब्रेक लग गया। लंबे शटडाउन से कर्मचारियों को बिना सैलरी छुट्टी या काम का जोखिम। यह अमेरिकी लोकतंत्र की बजट जंग को दर्शाता है, जहां आप्रवासन मुद्दा सबसे बड़ा रोड़ा है।