दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी बारापुल्ला फेज-3 फ्लाईओवर परियोजना में अनियमितताओं का पर्दाफाश होते ही एसीबी ने कड़ा रुख अपनाया है। निर्माण में असहनीय विलंब और लागत में भारी इजाफे के लिए अज्ञात अधिकारियों व ठेकेदार पर एफआईआर ठोक दी गई है। मामला भ्रष्टाचार निवारण कानून की गंभीर धाराओं से जुड़ा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सुझाव पर अक्टूबर 2025 में उपराज्यपाल ने जांच का बिगुल फूंक दिया, जिसमें सरकारी फंड का सैकड़ों करोड़ का नुकसान बताया गया। ईएफसी की 8 जुलाई 2025 बैठक ने भी देरी और अनधिकृत मध्यस्थता स्वीकृतियों पर सवाल उठाए।
सराय काले खां जोड़ने वाला यह 3.5 किमी का चार-लेन एलिवेटेड रोड 2011 से अटका पड़ा है। 1260.63 करोड़ स्वीकृत, एलएंडटी को 2015 में जिम्मेदारी, 2017 तक लक्ष्य। भूमि विवाद, वृक्ष कटान मंजूरी व अफसरशाही की लापरवाही बाधा बनीं।
1238.68 करोड़ व्ययित, अनुमानित खर्च 1330 करोड़, जून 2026 नया टारगेट। पीडब्ल्यूडी के रिकॉर्ड एसीबी के पास। ठेकेदार ने सहायता का भरोसा दिलाया।
यह कदम सार्वजनिक परियोजनाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करेगा। दिल्लीवासियों को जल्द न्याय की आस, जो ट्रैफिक समस्याओं का स्थायी हल देगी।