भारतीय वॉलीबॉल को दिल्ली से मिला एक बड़ा तोहफा। दिल्ली प्रो वॉलीबॉल लीग (डीपीवीएल) का आगाज हो गया है, जिसे दिल्ली वॉलीबॉल एसोसिएशन और दिल्ली ओलंपिक एसोसिएशन ने मिलकर शुरू किया। पूर्व नेशनल स्टार्स नीति रावत व जसोदा गुलिया ने लीग की रूपरेखा पेश की। इसमें 6 फ्रेंचाइजी होंगी, जिसमें दिल्ली के अलावा देशभर के दमदार खिलाड़ी ट्रायल देंगे।
ओपन ट्रायल्स से चयन प्रक्रिया अगले कुछ महीनों में शुरू होगी, जो पूरी तरह निष्पक्ष होगी। कार्यक्रम में शिरकत करने वाले कुलदीप वत्स ने कहा, ‘दिल्ली की वॉलीबॉल विरासत गौरवशाली है। यह लीग खिलाड़ियों को प्रोफेशनल अवसर देगी और खेल को मजबूत बनाएगी।’
सुधीर वत्स ने बताया कि डीपीवीएल टैलेंट हंट, ग्रोथ और सस्टेनेंस का केंद्र बनेगा। पारदर्शी सिस्टम से यह राज्य प्रो लीग की बेंचमार्क बनेगी।
जसोदा गुलिया ने भविष्य की रूपरेखा रखी। ‘हम पेशेवर गवर्नेंस वाली लीग बना रहे हैं, जो सस्टेनेबल इकोसिस्टम देगी। खिलाड़ी यहां कमाई, विकास और ग्लोबल मौके पाएंगे।’
नीति रावत बोलीं, ‘दिल्ली में टैलेंट भरा पड़ा है, बस प्लेटफॉर्म चाहिए। डीपीवीएल एक्सपोजर और टॉप कॉम्पिटिशन देगा।’
जूनियर बॉयज (नेशनल रनर-अप) और गर्ल्स टीमों को सम्मान मिला, जो लीग की युवा-केंद्रित भूमिका दर्शाता है।
ट्रायल्स की घोषणा से फैंस में जोश है। डीपीवीएल वॉलीबॉल को प्रोफेशनल बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।