प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो नई रामसर साइट्स—उत्तर प्रदेश के एटा में पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के कच्छ छारी-ढांड—की मान्यता पर उत्साह व्यक्त किया है। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम करार दिया।
एक्स पोस्ट में पीएम ने कहा, ‘ये रामसर साइट्स बनना जैव विविधता संरक्षण की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। स्थानीय लोगों और संरक्षणकर्ताओं को बधाई। इन क्षेत्रों में पक्षियों व जीवों के लिए सुरक्षित निवास बने रहें।’
पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने दो फरवरी के विश्व वेटलैंड दिवस से पूर्व घोषणा की। उन्होंने उल्लेख किया कि 2014 में 26 से बढ़कर अब भारत के पास 98 रामसर साइट्स हैं—276 प्रतिशत की प्रगति।
पटना बर्ड सेंचुरी पक्षी प्रेमियों का केंद्र है, जबकि छारी-ढांड में चिंकारा, भेड़िए, कैरकल जैसे दुर्लभ जानवर पाए जाते हैं। ये वेटलैंड्स जलवायु परिवर्तन से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रामसर दर्जे से अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ेगा, जिससे संरक्षण कार्य और सशक्त होंगे। इन्हें पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने वाले ‘पृथ्वी के गुर्दे’ कहा जाता है। समुदाय आधारित संरक्षण से सतत विकास सुनिश्चित होगा। भारत इस क्षेत्र में विश्व नेता बन रहा है।