महाराष्ट्र की सियासी गलियारों में हलचल मचाने वाली खबर पर शरद पवार ने बारामती से स्पष्ट लब्बोलुआब पेश किया। एनसीपी सुप्रीमो ने सुनेत्रा पवार की उपमुख्यमंत्री पद की शपथ पर कही खबर नहीं होने की बात कही। 31 जनवरी का यह बयान पार्टी के भीतर की खींचतान को उजागर करता है।
मीडिया से रूबरू होते हुए पवार ने कहा, ‘एनसीपी ने अंदरूनी स्तर पर फैसला लिया होगा। प्रफुल्ल पटेल-सुनील तटकरे जैसे लोग इन मामलों को हैंडल कर रहे हैं। मैं इनके फैसलों पर टिप्पणी नहीं करूंगा।’
नियुक्ति के सवाल पर उन्होंने दूरी बनाई। ‘पार्टी अपनी जिम्मेदारी निभाए। हमारा राजनीतिक सफर जुदा हो चुका, हालांकि परिवार विपत्ति में एक साथ। कोई पारिवारिक समस्या नहीं है।’
शपथ में परिवार के किसी सदस्य के जाने की बात पर पवार ने कहा, ‘समारोह की कोई सूचना नहीं मिली। मीडिया से ही जानकारी हुई।’
दोनों एनसीपी गुटों के एकीकरण पर खुलासा किया कि अजित पवार-जयंत पाटिल की अगुवाई में बातें आगे बढ़ी थीं। ‘एकता तय लग रही थी। अजित 12 फरवरी को घोषणा करने को तैयार थे। उनकी और हमारी साझा चाहत थी।’
मैं सीधे शामिल नहीं था, लेकिन हादसे ने सब रोक दिया। अब नेताओं को तय करना है। यह बयान महाराष्ट्र विधानसभा की कुर्सी वारसी में नया अध्याय जोड़ता नजर आ रहा।