किश्तवाड़ के जंगलों में सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों को घेराबंदी में ले लिया है। ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ के दौरान 31 जनवरी को डोलगाम गांव में व्हाइट नाइट कॉर्प्स, जेकेएसपी और सीआरपीएफ ने आतंकियों पर हमला बोला। सुबह से चली गोलीबारी थमने का नाम नहीं ले रही।
खुफिया एजेंसियों की सटीक जानकारी पर आधारित इस ऑपरेशन में इलाके को सील कर दिया गया है। आतंकी पूरी तरह फंस चुके हैं और जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं।
शुक्रवार को ही मुठभेड़ स्थल के आसपास मोबाइल इंटरनेट रोक दिया गया था ताकि आतंकियों की संचार व्यवस्था चरमरा जाए।
18 जनवरी की चतरू-सोनार मुठभेड़ में एक पैराट्रूपर की शहादत के बाद से सुरक्षाबल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। 12 दिनों की मेहनत रंग लाई और आतंकी डोलगाम तक पहुंचे।
सेना ने शहीद को नमन किया है और उनके बलिदान को सार्थक बनाने का संकल्प लिया है। यह मुठभेड़ जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद मुक्ति की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।