अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि ईरान की ओर एक अभूतपूर्व नौसैनिक ताकत रवानगी कर रहा है, जो वेनेजुएला वाली तैनाती से कहीं अधिक विशाल है। व्हाइट हाउस में सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने कूटनीति को बढ़ावा दिया, मगर सैन्य रास्ते खुले रखे।
यह बेड़ा दबाव की रणनीति का हिस्सा है, जिसमें बातचीत की कोशिशें भी जारी रहेंगी। ट्रंप बोले, ‘ईरान की ओर ज्यादा संख्या में जहाज जा रहे हैं। उम्मीद है सौदा पक्का हो।’ समयसीमा पर अस्पष्ट रहे, लेकिन ईरान के सर्वोच्च नेताओं तक संदेश पहुंचने की पुष्टि की।
लंबे अर्से से चले आ रहे तनाव—प्रतिबंधों, न्यूक्लियर डील व प्रॉक्सी युद्धों से उपजे—ने कई वार्ताओं को विफल किया। अमेरिका अतीत में ऐसे अभियानों से आक्रामकता रोका। ट्रंप ने नौसेना की अपराजेय क्षमता का बखान किया, पर विवरण छिपाए रखे।
‘बातचीत से हल निकले तो बेहतर, वरना आगे का इंतजाम है,’ उनका संदेश साफ। यह रणनीति जोखिमपूर्ण है, मगर ट्रंप शैली की पहचान। बेड़े के पहुंचने पर ईरान की प्रतिक्रिया तय करेगी भविष्य का रुख। मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदें अब लटक रही हैं।