मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने बताया कि भारत एआई के लिए भरोसे आधारित शासन व्यवस्था बना रहा है, जिसमें कठोर नियंत्रण की जगह समावेश, सुरक्षा और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। सीएसआईएस के कार्यक्रम में नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए उन्होंने यह जानकारी दी।
सूद ने जोर देकर कहा कि एआई देश की आर्थिक-रणनीतिक प्राथमिकताओं में सेंटरस्टेज पर है। पहले सीमित प्रयोगों तक रहने वाला एआई अब सभी क्षेत्रों में व्याप्त है और डिजिटल विकास का आधार बन चुका।
दुनिया में एआई का विस्तार तेज है, निवेश बढ़ रहा है और ऊर्जा खपत चरम पर। ऐसे में शासन नीति अब व्यापक आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों से जुड़ी हुई है। भारत सुरक्षा, उत्तरदायित्व, स्पष्टता पर फोकस कर रहा है।
इंडियाएआई मिशन-2024 से इसे अमल में लाया जा रहा है। इसमें साझा कम्प्यूट रिसोर्स, एकीकृत डेटा, देशी एआई मॉडल और ट्रेनिंग शामिल हैं। शोधकर्ताओं को रियायती कम्प्यूटिंग से फायदा हो रहा है।
राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर ढेर सारे डेटा और मॉडल उपलब्ध। शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत आगे। नई गवर्नेंस रिपोर्ट जोखिम प्रबंधन का नया तरीका सुझाती है।
समिट के संदर्भ में सूद ने कहा कि मुख्य संसाधनों को लोकतांत्रिक बनाना जरूरी। एआई की सफलता उसके सामाजिक प्रभाव से तय होगी।