प्रो रेसलिंग लीग 2026 की चमकदार ट्रॉफी असल में देश की कुश्ती परंपरा का प्रतीक है, जैसा कि चेयरमैन दयान फारूकी ने नोएडा में बताया। सभी छह टीमों के राज्यों के अखाड़ों से मिट्टी इकट्ठा कर इसे सजाया गया है।
‘हमने हर छोटी-बड़ी डिटेल पर ध्यान दिया। टीम ने अखाड़ों जाकर मिट्टी लाई, ताकि ट्रॉफी हमारी धरती की सांस ले। हनुमान जी की गदा से सजाई गई यह ट्रॉफी पहलवानों के संघर्ष को सलाम करती है।’
15 जनवरी से शुरू होकर 1 फरवरी को समाप्त होगी यह लीग, जो छह साल बाद धमाकेदार वापसी है। खिलाड़ी नीलामी में सुसाकी पर हरियाणा थंडर ने 60 लाख ठोंके। अंतिम पंघाल (52 लाख, 53 किलो) यूपी के पास, एना गोडिनेज (46 लाख, 62 किलो) पंजाब रॉयल्स के नाम, अल्पाएवा (27 लाख, 76 किलो) दिल्ली के साथ।
रॉबर्ट बारन 55 लाख में महाराष्ट्र केसरी और अमन सहरावत 51 लाख में मुंबई टाइगर्स के।
कुश्ती की भावुकता पर बोले, ‘यह सिर्फ खेल नहीं, दिल की धड़कन है। मिट्टी सोचते ही भावुक हो जाता हूं। पीडब्ल्यूएल की जीत पूरे भारत की होगी।’
पावर मिनट की तारीफ करते हुए कहा, ‘यह पहलवानों को अंतिम सांस तक लड़ना सिखाता है। फेडरेशन के सहयोग से कुश्ती को वैश्विक मंच मिल रहा है, जो भविष्य की कुश्ती को बदलेगा।’