स्वच्छ भारत अभियान के तहत भारतीय रेलवे ने एक और मील का पत्थर गढ़ा है। अहमदाबाद में शुरू हुई देश की पहली एलएनजी आधारित यात्री ट्रेन पारंपरिक ईंधन से इतर नई क्रांति लेकर आई है। यह दोहरी ईंधन प्रणाली यात्रियों को सस्ता और प्रदूषण मुक्त सफर मुहैया कराएगी।
गहन परीक्षण के बाद शुक्रवार को ट्रेन को व्यावसायिक संचालन की अनुमति मिल गई। इसमें लगा एक टैंक 2,200 किलोमीटर तक की यात्रा संभव बनाता है, जो परिचालन दक्षता को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है।
साबरमती डिपो में मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने व्यक्तिगत रूप से जांच की। पत्रकारों से उन्होंने कहा कि एलएनजी डीजल से कहीं अधिक लाभदायक सिद्ध हो रही है।
रेलवे ने यात्री ट्रेनों में एलएनजी का प्रारंभिक उपयोग शुरू किया है। प्रबंधक ने बताया कि यह व्यवस्था कुशलता, खर्च और पर्यावरण सुरक्षा में डीजल से तीन गुना श्रेष्ठ है।
डीईएमयू ट्रेनों को डबल फ्यूल मोड में बदलने का कार्य चल रहा है। लगभग 1,400 एचपी क्षमता वाली दो पावर कारें परिवर्तित हो चुकी हैं।
इनका 2,000 किलोमीटर का ट्रायल सफल रहा और अब ये सामान्य सेवाओं में शामिल हैं। उत्सर्जन में भारी कटौती से को2, एनओएक्स और धूल कणों की मात्रा घटी है, जो रेल मार्गों पर हवा को शुद्ध कर रही है।
यह नवाचार पूरे देश में फैल सकता है, जिससे रेलवे नेटवर्क अधिक टिकाऊ बनेगा। अहमदाबाद इसकी अगुआई कर रहा है।