केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बैंक धोखाधड़ी के पुराने मामलों में वांछित दो फरारियों को दबोच लिया। शुक्रवार को दो शहरों में विशेष अभियान चलाकर ये सफलता हासिल की गई, जो एजेंसी की कुशलता का प्रमाण है।
राजस्थान के बांसवाड़ा से संजय शर्मा (उपनाम: संजीव दीक्षित, पंकज भारद्वाज) और गुजरात के वडोदरा से शीतल शर्मा (आरती शर्मा) को गिरफ्तार किया गया। दोनों कई नाम बदलकर फरार थे और कोर्ट ने भगोड़ा करार दिया था।
संजय दो मामलों के मुख्य आरोपी हैं—2013 में पीएनबी को 9.95 करोड़ का नुकसान और आरती संग 4 करोड़ की ठगी। घोषणा तिथियां: आरती 2016, संजय 2016-17। 2014 में हरियाणा गिरफ्तारी के बाद 2016 में कोर्ट से भागे।
जांच में वित्तीय सौदे, मोबाइल रिकॉर्ड और नकली आईडी ने मदद की। अदालत ने ट्रांजिट रिमांड दिया, दिल्ली ले जाएंगे।
यह सफलता आर्थिक अपराधियों के लिए चेतावनी है। बैंकिंग सुरक्षा मजबूत करने की जरूरत पर जोर। आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है।