एफएटीएफ की ताजा रिपोर्ट ने पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा किया है। कानून तो बन गए, पर लागू नहीं हो रहे। आतंकी अब फिनटेक प्लेटफॉर्म पर सक्रिय, पारंपरिक निगरानी चकमा दे रहे हैं। 2025 जोखिम रिपोर्ट में यह बदलाव चिंता का विषय बताया गया।
विश्लेषक सिद्धांत किशोर के अनुसार, मेक्सिको की आगामी एफएटीएफ बैठक में पाक छवि चमकाने की कोशिश करेगा। लेकिन जैश और लश्कर जैसे गुटों का आधुनिकीकरण हो रहा है। गाजा राहत के नाम पर फंडिंग।
मसूद अजहर के परिजन डिजिटल तरीकों से माइक्रो-डोनेशन इकट्ठा कर रहे। क्रिप्टो और वॉलेट स्विचिंग से ट्रेसिंग मुश्किल। इनसे मस्जिदें बन रही हैं और ऑपरेशन सिंदूर प्रभावित स्थल बहाल हो रहे।
रिपोर्ट जोर देती है कि पश्चिमी देशों को वास्तविक कार्रवाई पर फोकस करना चाहिए। जांच, जब्ती और विघटन ही समाधान। अन्यथा खतरा बढ़ेगा।