भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज एनएसई शुक्रवार को सेबी से आईपीओ के लिए अंतिम अनुमति हासिल करने में सफल रहा। यह खबर मुंबई से आई, जो लंबे इंतजार के बाद निवेशकों के लिए राहत है।
को-लोकेशन केस और अन्य नियामक बाधाओं से जूझते हुए एनएसई का आईपीओ 2016 से ठप पड़ा था। सेबी की मंजूरी ने अब रास्ता साफ कर दिया है, और आगे की कार्रवाई एक्सचेंज पर निर्भर है।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि एनएसई मार्च के अंतिम दिनों में डीआरएचपी फाइल करने को तत्पर है। इन्वेस्टमेंट बैंकरों व विधिक सलाहकारों संग बैठकें हो रही हैं। यह दस्तावेज आईपीओ की हर बारीकी उजागर करेगा, जिससे निवेशकों को स्पष्टता मिलेगी।
चेयरपर्सन श्रीनिवास इंजेती ने उत्साह जताते हुए इसे विकास का महत्वपूर्ण चरण बताया। उन्होंने कहा कि सेबी का भरोसा एनएसई की अर्थव्यवस्था में भूमिका को रेखांकित करता है तथा हितधारकों हेतु नया मूल्यांकन दौर आरंभ करता है।
सीईओ आशीष चौहान की तिरुपति यात्रा के दौरान एक्सचेंज व राष्ट्र कल्याण की कामना की गई। सेबी प्रमुख तुहिन कांता पांडे का अनुमान सही साबित हुआ।
एनएसई आईपीओ से बाजार में नई ऊर्जा का संचार होगा। डीआरएचपी जारी होते ही निवेशकों की भारी दिलचस्पी अपेक्षित है, जो भारतीय शेयर बाजार को मजबूती देगा।