भारतीय खेल प्राधिकरण के मुख्यालय में 30 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी (आईओए) के दो सदस्यीय दल ने खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। निदेशक माकिस असिमाकोपोलोस और एलेक्जेंड्रा कराइस्कौ ने सचिव हरि रंजन राव के साथ ओलंपिक सहयोग पर गहन विचार-विमर्श किया।
असिमाकोपोलोस ने मंत्रालय द्वारा तैयार ओलंपिक आंदोलन की मजबूत योजना से गहरी प्रभावित होने की बात कही। भारत के सभी खेल प्रयासों को देखते हुए आईओए ओलंपिक मूल्यों की शिक्षा में योगदान देने को तैयार है।
उन्होंने जोर दिया कि आईओए अपनी विशेषज्ञता से खिलाड़ियों को ओलंपिकवाद के सिद्धांत सिखाएगा, जिससे युवा पीढ़ी इनका पालन कर सके। चर्चा आईओए, मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ और नवजीवन प्राप्त राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी के बीच साझेदारी पर केंद्रित रही।
विशेष कार्यक्रम कोचों, खेल वैज्ञानिकों और पीई शिक्षकों के लिए बनाए जाएंगे, जो खेल शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। ग्रीस स्थित आईओए, जो 1961 से ओलंपिक अध्ययन का केंद्र है, विश्वव्यापी नेटवर्क का हिस्सा है और भारत की अकादमी को पुनर्स्थापित किया गया है।
एलेक्जेंड्रा ने चर्चा की सराहना की और भारत के कॉमनवेल्थ गेम्स व 2036 ओलंपिक की तैयारियों का उल्लेख किया। अकादमी के पुनरारंभ पर प्रसन्नता जताते हुए उन्होंने साझा प्रयासों की बात की।
सचिव राव ने इसे सफल शुरुआत बताया। पीएम मोदी के विजन से सशक्त खेल क्षेत्र में आईओए के अनुभव से लाभ होगा। प्रस्तावों में ग्लोबल करिकुलम, संस्थागत विस्तार, प्रशासकीय कोर्स, विशेषज्ञ सत्र, शोध साझेदारी और डिजिटल सहयोग शामिल हैं। भारत वैश्विक कॉन्क्लेव आयोजित कर ओलंपिक शिक्षा का नेतृत्व करेगा।