थलापति विजय स्टारर ‘लियो’ का सर्टिफिकेशन विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। सीबीएफसी ने कैविएट दाखिल कर सुनवाई के बिना प्रतिकूल आदेश न देने की अपील की है। यह मद्रास हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच के स्टे ऑर्डर के बाद महत्वपूर्ण कदम है।
पोंगल 9 जनवरी को रिलीज प्लान था, लेकिन बोर्ड ने सर्टिफिकेट रोका। दिसंबर में सबमिट फिल्म पर कट्स सुझाए गए, संशोधन के बाद शिकायतों से रिव्यू कमेटी बुलाई। निर्माताओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सिंगल जज ने 9 जनवरी को यूए सर्टिफिकेट का आदेश दिया, जिसे डिवीजन बेंच ने पलट दिया। सुप्रीम कोर्ट ने 15 जनवरी को दखल न देकर हाईकोर्ट को निर्देश दिया। अब कैविएट से बोर्ड सुरक्षित।
पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, प्रकाश राज से सजी ‘लियो’ विजय का अंतिम सिनेमाई उपक्रम है। राजनीतिक सफर शुरू होने वाला है। बोर्ड नियमों का हवाला देता है, प्रोड्यूसर्स समय पर रिलीज की मांग करते हैं।
यह मामला फिल्म प्रमाणन की जटिलताओं को उजागर करता है। जल्द फैसला आने की उम्मीद है।