शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने लाल निशान दिखाते हुए सत्र समाप्त किया। सेंसेक्स 0.36 प्रतिशत या 296.59 अंक फिसलकर 82,269.78 पर और निफ्टी 0.39 प्रतिशत या 98.25 अंक टूटकर 25,320.65 पर सेटल हुआ। बजट की उम्मीदों के बीच निवेशकों में सतर्कता दिखी।
मेटल क्षेत्र ने बाजार को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया, निफ्टी मेटल 5.21 प्रतिशत धस गया। इसके अलावा कमोडिटीज 2.13 प्रतिशत, आईटी 1.03 प्रतिशत, पीएसई 0.90 प्रतिशत तथा सर्विसेज 0.64 प्रतिशत लुढ़के।
सकारात्मक पक्ष पर मीडिया में 1.85 प्रतिशत, डिफेंस 1.43 प्रतिशत, एफएमसीजी 1.37 प्रतिशत, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं 1.08 प्रतिशत, रियल एस्टेट 0.84 प्रतिशत और ऑटो सेक्टर 0.73 प्रतिशत की तेजी रही। लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप-स्मॉलकैप में बेहतर प्रदर्शन हुआ, एक स्मॉलकैप इंडेक्स 0.19 प्रतिशत नीचे 58,432 पर तो दूसरा 0.32 प्रतिशत ऊपर 16,879.10 पर।
सेंसेक्स पैक में एमएंडएम, एसबीआई, आईटीसी, बीईएल, एचयूएल, टाइटन, मारुति, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, सन फार्मा व अदाणी पोर्ट्स आगे बढ़े। टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, एचसीएल टेक, टेकएम, इन्फोसिस, कोटक बैंक, ट्रेंट व टीसीएस पीछे रहे।
बाजार जानकारों ने बताया कि डॉलर की मजबूती से धातुओं में बिकवाली बढ़ी और सोने-चांदी सस्ते हुए। अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप होने से बचे समझौते ने राहत दी, मगर फेड के नए प्रमुख से पहले बाजार सतर्क हैं। सख्त नीति से तरलता घट सकती है।
सत्र की शुरुआत गिरावट से हुई, सुबह सेंसेक्स 82,100 और निफ्टी 25,261 पर खुला। बाजार में उतारचढ़ाव के बावजूद अंत में नकारात्मक समापन। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा और कर राहत पर फोकस से बाजार को बल मिल सकता है। निवेशक अब आगामी सत्रों पर निगाहें जमाए हुए हैं।