जब पूरी इंडस्ट्री महंगे सेट्स और स्पेशल इफेक्ट्स पर दांव लगा रही है, वीर दास की ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ सादगी से बाजी मार रही है। फिल्म का दूसरे हफ्ते तक थिएटर्स में जमे रहना स्टैंड-अप आर्टिस्ट और निर्देशक वीर दास को गदगद कर रहा है।
खुशी जताते हुए दास बोले, ‘यह छोटी फिल्म ऐसी मार्केट में रिलीज हुई जहां सिर्फ भव्यता चलती है। फिर भी दो हफ्ते पूरे करना मेरी जिंदगी का यादगार लम्हा है।’
उन्होंने दर्शकों को असली हीरो बताया, जिनका उत्साह और सिफारिशें फिल्म को जिंदा रखे हुए हैं। बॉक्स ऑफिस पर ओपनिंग के बाद रन बनाए रखना ही असली टेस्ट है, और ‘हैप्पी पटेल’ उतीर्ण हो रही है।
फिल्म वीर दास के डायरेक्टोरियल डेब्यू की मिसाल है। कहानी बयां करती है हैप्पी की, जो गे ब्रिटिश जासूस दंपति का दत्तक पुत्र है। एजेंसी में जगह न मिलने पर भारतीय मूल का राज खुलता है, और जिंदगी एक्शन मोड में आ जाती है।
गोवा में मिशन: एक महिला को मामा डॉन की फैक्ट्री से बचाना, जहां फेयरनेस क्रीम का राज बनाया जा रहा है। पुरानी रंजिश वाली यह दास्तान मनोरंजन से लबालब है।
मिथिला पालकर, मोना सिंह, शारिब हाशमी, सृष्टि तावड़े का साथ फिल्म को चमका रहा है। वीर दास साबित कर चुके कि कहानी का दम हो तो बजट की जरूरत नहीं।