पंचांग पालन से कार्य सिद्धि सुनिश्चित। 31 जनवरी माघ त्रयोदशी प्रभात 8:25 तक, चतुर्दशी 1 फरवरी तक। शनि वार में शनि-शिव-हनुमान भक्ति प्रधान। चालीसा-सुंदरकांड से लाभ।
चंद्र मिथुन, पुनर्वसु नक्षत्र 1:34 am तक (फिर पुष्य), विष्कुम्भ योग 1:33 तक, तैतिल 8:25 तक। उदय 7:10, अस्त 5:59।
मुहूर्त: ब्रह्म मुहूर्त 5:24-6:17, अभिजित दोपहर 12:13-56, विजय 2:23-3:06, अमृत रात्रि 11:21-12:49, रवि योग प्रातः से मध्यरात्रि।
परहेज: राहु 9:52-11:14, यम 1:56-3:17। उपचार: प्रातः सूर्य अर्घ, संध्या गोधूलि दीप। शनि प्रसाद सरसों-तिल-फूल-गुड़, शिव अभिषेक तिल गुड़, हनुमान भोग चना गुड़। दोष मुक्ति, स्वास्थ्य लाभ, दिव्य अनुग्रह।