आज से बिहार में संपत्ति रजिस्ट्री के लिए नई सख्त शर्त लागू हो गई है। 10 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली जमीन, मकान या प्लॉट रजिस्टर कराने के लिए PAN कार्ड जरूरी कर दिया गया। निबंधन विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं, जो तुरंत प्रभावी हैं। यह कदम टैक्स चोरी रोकने और सौदों को पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया।
उप निबंधन महानिरीक्षक संजय कुमार के पत्र के अनुसार, पुरानी 30 लाख की सीमा अब 10 लाख पर आ गई। PAN न होने पर फॉर्म 60/61 का विकल्प है। पूर्णिया में अवर निबंधक उमा शंकर मिश्रा ने पुष्टि की कि कार्यालय ने नोटिस लगा दिया है और बिना दस्तावेज के पंजीकरण रोका जा रहा। ग्रामीण-शहरी सभी इलाकों में एकसमान नियम।
आयकर विभाग ने छोटे-मझोले सौदों में PAN की अनुपस्थिति पर चिंता जताई थी, जिससे बिक्रीकर्ता-खरीदार ट्रैक से बाहर रहते थे। अब डिजिटल ट्रेल बनेगा। 50 लाख से ज्यादा के मामलों में 1% टीडीएस जरूरी, गैर-अनुपालन पर 20% पेनल्टी। नतीजा: कम धोखाधड़ी, साफ रिकॉर्ड और मजबूत टैक्स सिस्टम। संपत्ति खरीदारों के लिए यह सुरक्षा कवच साबित होगा।