गोवा में इंडिया एनर्जी वीक 2026 के मौके पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। गुरुवार को उन्होंने पीएम मोदी के मार्गदर्शन में ऊर्जा क्षेत्र के 500 अरब डॉलर निवेश अवसरों को साकार करार दिया। अन्वेषण-उत्पादन में 100 अरब डॉलर के लक्ष्य पर भी काम तेज है।
सीईओ के साथ 27 जनवरी की बैठक में नई ऊर्जा संभावनाओं पर वैश्विक विमर्श हुआ। पुरी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा को सस्टेनेबिलिटी व आर्थिक उन्नति से जोड़कर भारत मजबूत हो रहा है।
ईयू-भारत एफटीए को मील का पत्थर बताते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि यूरोपीय पक्ष इसे व्यापार समझौतों की मां कह रहा है। 27 देशों वाले इस बाजार में 98% भारतीय वस्तुओं को जीरो ड्यूटी लाभ मिलेगा, जो दोनों के हित में है।
पोर्ट तथा शेल्टर डील्स से क्षेत्रीय विकास को गति मिली है। भू-राजनीतिक संकटों, डॉलर अस्थिरता व फ्रेट वृद्धि के बीच भी उपभोक्ता मूल्य स्थिर रखे गए। भाजपा राज्यों में सस्टेनेबिलिटी पर बल देते हुए यह सफलता उल्लेखनीय है।
पुरी के बयानों से भारत की ऊर्जा नीतियां वैश्विक पटल पर चमक रही हैं, जो स्थिरता व प्रगति का संगम दर्शाती हैं।