खून में शुगर लेवल बढ़ना डायबिटीज का मुख्य लक्षण है, जो इंसुलिन संबंधी गड़बड़ी से जन्म लेता है। आयुष मंत्रालय ने जागरूकता अभियान चलाते हुए लोगों को ‘3पी’ लक्षणों के प्रति सजग रहने की सलाह दी है। इन संकेतों को अनदेखा करने से बड़ी मुसीबत हो सकती है।
डायबिटीज शरीर के कई अंगों को प्रभावित करता है। प्रारंभिक पहचान से जांच और इलाज आसान हो जाता है। तीन प्रमुख लक्षण हैं पॉलीयूरिया, पॉलीडिप्सिया और पॉलीफेजिया।
पॉलीयूरिया से बार-बार यूरिनरी का मन करता है। हाई ग्लूकोज गुर्दों पर दबाव डालता है, जिससे पेशाब की मात्रा बढ़ जाती है।
पॉलीडिप्सिया में प्यास बेचैन कर देती है। शरीर का पानी निकलने से डिहाइड्रेशन बढ़ता है।
पॉलीफेजिया के कारण भूख असामान्य रूप से लगती रहती है। ऊर्जा की कमी से वजन कम होता है।
अन्य लक्षणों में बिना कोशिश के वेट लॉस, हमेशा थकान और दुर्बलता शामिल हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ये दिखें तो शुगर चेक जरूर करवाएं।
बिना इलाज के यह हार्ट अटैक, किडनी डैमेज, विजन लॉस और न्यूरोपैथी का कारण बन सकता है। जीवनशैली सुधार, योग, आयुर्वेद और दवाओं से इसे काबू में किया जा सकता है। जागरूकता और चेकअप से स्वस्थ जीवन संभव है।