राजनीतिक राजधानी नई दिल्ली गुरुवार को अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घीत के आगमन से गुलजार हो उठी। वे दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक में शिरकत करने आए हैं। मंत्रालय ने इस प्रमुख मेहमान का जोरदार स्वागत किया, जो भारत-अरब मित्रता की मजबूती को रेखांकित करता है।
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ‘दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक एवं संबंधित परामर्शों के लिए नई दिल्ली में लीग ऑफ अरब स्टेट्स के महासचिव अहमद अबुल घीत का हार्दिक अभिनंदन। दो दिनों तक चलने वाली ये वरिष्ठ स्तर की चर्चाएं भारत-अरब साझेदारी को हर क्षेत्र में सशक्त बनाने की हमारी सामूहिक निष्ठा को प्रकट करती हैं।’
पहले ही कोमोरोस के मबे मोहम्मद, फिलिस्तीन के वारसेन अगाबेकियन शाहीन और सूडान के मोहिएलदीन सलीम अहमद इब्राहिम नई दिल्ली में डेरा डाल चुके हैं। यह आयोजन कूटनीति का नया अध्याय लिखेगा।
यह मंच 2002 के एमओयू से जन्मा, जिसने भारत-एलएएस संवाद को संस्थागत बनाया। 2008 में अमरे मूसा के भारत भ्रमण पर अरब-भारत सहयोग फोरम का एमओयू हुआ, 2013 में इसका ढांचा मजबूत किया गया। 22 देशों वाले एलएएस में भारत पर्यवेक्षक की भूमिका निभाता है।
बैठक में व्यापक एजेंडा होगा जिसमें ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, आतंकवाद विरोध और सतत विकास शामिल हैं। ये वार्ताएं द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने, निवेश अवसरों को बढ़ाने और सांस्कृतिक पुल बांधने पर केंद्रित रहेंगी, जिससे क्षेत्रीय शांति और समृद्धि सुनिश्चित होगी।